क्या सोलर पैनल लगवाने का भी उचित समय होता है?

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भारत में बीतते समय के साथ साथ लोग पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूक हो रहे हैं और बहुत सारे लोग अपने स्तर पर हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं कि वे पर्यावरण संरक्षण में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दे सकें। बढ़ती जनसंख्या के साथ-साथ लोगों की ज़रूरतें भी बढ़ रही हैं और उन ज़रूरतों को पूरा करने के लिए हमें बिजली की ज़रूरत होती है। घर के बल्ब, पंखे, कूलर, टीवी, फ्रिज, पानी की मोटर, आदि सभी ज़रूरी चीजें बिजली से ही चलती हैं जिसके लिए आपको हर महीने बिजली बिल का भुगतान करना पड़ता है। जीवाश्म, कोयला, पेट्रोलियम आदि से बनने वाली बिजली सामान्यतः हमारे घरों में इस्तेमाल होती है लेकिन ये ऊर्जा संसाधन धरती पर सीमित समय के लिए ही उपलब्ध हैं और बढ़ती ज़रूरतों के साथ आने वाले समय में यह संसाधन भी समाप्त हो जायेंगे। ऐसे में बिजली उत्पन्न करने के लिए नए संसाधन भी ईजाद हो चुके हैं और सौर ऊर्जा आधुनिक ऊर्जा स्रोत में से ही एक है जिसका प्रचलन बहुत तेज़ी से बढ़ा है। सौर ऊर्जा के बारे में स्कूल, कॉलेज आदि में भी पढ़ाया जाता है और लोगों को पूरी जानकारी देने के लिए जगह-जगह सेमिनार और जागरूकता अभियान भी चलाये जाते हैं। इस तरह के अभियानों में सौर ऊर्जा से जुड़ी भ्रांतियां दूर होती हैं और आपको इस ऊर्जा स्रोत से जुड़े ज़रूरी सवालों के जवाब भी मिल सकते हैं। सौर ऊर्जा को लेकर आम जनता के दिमाग में ढेर सारे सवाल होते हैं कि यह काम कैसे करता  है, इसमें कितना खर्च आता है, इससे पर्यावरण को क्या लाभ होता है आदि। इन्हीं सवालों में से अक्सर लोग यह सवाल भी पूछते हैं कि सौर ऊर्जा पर चलने वाले सोलर पैनल लगाने का उचित महीना कौन सा है?

अपने घर की दैनिक ज़रूरतों को पूरा करने और बिजली के मासिक बिल से बचने के लिए आप अपने घर की छत पर सोलर पैनल किसी भी मौसम में लगवा सकते हैं क्योंकि सोलर पैनल ख़ास इस तरह बनाये गए होते हैं कि हर मौसम में बिजली उत्त्पन्न कर सकें जिससे आपकी दैनिक ज़रूरतें पूरी हो सकें।

सोलर पैनल लगवाने का समय तय करने के लिए आपको विभिन्न कारकों को ध्यान में रखना होता है जिनके आधार पर आप यह निर्णय ले सकें कि आपको सोलर पैनल कब लगवाना चाहिए। सोलर पैनल में लगे सोलर सेल पर सूरज की किरणें पड़ती हैं और फोटोवोल्टिक प्रभाव के कारण वे किरणें विद्युत् में परिवर्तित होकर सोलर पैनल में एकत्रित हो जाती हैं।

 

आइये यहाँ उन कारकों की बात करते हैं जिनके आधार पर आप सोलर पैनल लगवाने का फैसला करते हैं:

१. सोलर पैनल लगवाने के लिए सबसे पहले आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आप सोलर पैनल में निवेश करने के लिए आर्थिक रूप से तैयार हैं भी या नहीं। सोलर पैनल में शुरुआती खर्च के बाद बस न्यूनतम खर्च ही होता है लेकिन सोलर पैनल में पैसे लगाना एक बड़े निवेश जैसा ही होता है। सोलर पैनल लगाने के लिए सबसे ज़रूरी है कि आपके पास पर्याप्त पैसे होने चाहिए। तो ऐसे में अगर बात आती है सोलर पैनल के लिए सबसे उचित समय की तो वही समय सबसे उचित होगा जब आपकी आर्थिक स्थिति इतने बड़े निवेश के लिए अनुमति देती हो।

२. अगर आप अपने घर में सोलर पैनल लगवाने के लिए उचित समय के बारे में सोच रहे हैं तो आपको यह भी ध्यान में रखना होगा कि आपके घर की छत पर पर्याप्त जगह है या नहीं क्योंकि सोलर पैनल के लिए छत पर ज़्यादा जगह की ज़रूरत होती है। अगर आपके घर की छत पर सोलर पैनल लगवाने के लिए पर्याप्त जगह है और उसकी दिशा सोलर पैनल के हिसाब से सही है तो आप सोलर पैनल लगवाने का निर्णय ले सकते हैं।

३. हालाँकि सोलर पैनल पूरे साल आपकी दैनिक ज़रूरतों को पूरा कर सकते हैं लेकिन सामान्यतः यह देखा गया है कि गर्मियों में सूरज की रोशनी तेज़ होती है और दिन बड़े होने के कारण धरती पर सूरज का प्रकाश ज़्यादा देर तक रहता है। लेकिन जब सवाल आता है कि सोलर पैनल कब लगवाना चाहिए तो ऐसे में सर्दियों के मौसम में सोलर पैनल लगवाने में भी कोई नुकसान नहीं है क्योंकि इस मौसम में सोलर पैनल का बाज़ार गर्मियों की तुलना में धीमा रहता है जिसके कारण आपको सोलर पैनल सामान्य से कम कीमत पर भी मिल सकते हैं। गर्मियों के मुकाबले सर्दियों में सोलर पैनल लगवाना ही आपकी जेब के लिए फायदेमंद होगा।

४. भारत सरकार ने सोलर पैनल लगवाने पर खास सब्सिडी की योजना शुरू की है जिसके तहत अपने घरों में सोलर पावर प्लांट लगवाने वालों को मात्र 24,000 रूपए खर्च करने होंगे और शेष राषि का खर्च नवीन तथा नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा दिया जायेगा। सौर ऊर्जा के प्रति लोगों को जागरूक करने और इसका ज़्यादा से ज़्यादा इस्तेमाल करने के लिए प्रदेश सरकार ने सौर ऊर्जा नीति स्थापित की है। जिसके तहत किसी व्यक्ति की ज़रूरतों को पूरा करने के बाद भी अगर सौर ऊर्जा से उत्त्पन्न बिजली बच जाती है तो प्रदेश बिजली बोर्ड लिमिटेड को ५ रूपए प्रति यूनिट के हिसाब से बेच सकेंगे। यही नहीं बिजली संकट से जूझ रहे इलाकों के लिए भी केंद्र सरकार ने किसान ऊर्जा सुरक्षा और उत्थान महाभियान (कुसुम) योजना की शुरुआत की है जिसके तहत देश भर में सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाले सभी डीज़ल/बिजली के पंप को सौर ऊर्जा से चलाया जायेगा।

अंत में हम यह कह सकते हैं कि जब भी आप आर्थिक रूप से तैयार होंगे वही समय सोलर पैनल लगवाने का सबसे उचित समय हो सकता है। सोलर पैनल लगवाकर आप न केवल अपने बिजली के बिल से छुटकारा पाते हैं बल्कि पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने से भी बच जाते हैं। प्रदूषण की समस्या आज के समय की सबसे गंभीर समस्याओं में से एक है और सोलर पैनल जैसे विकल्पों का इस्तेमाल करने से आप अपने स्तर पर प्रदूषण नियंत्रण में योगदान दे सकते हैं।

 

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