
नया घर बनाना हर किसी के लिए उत्साह और जिम्मेदारी से भरा होता है क्योंकि नए घर के लिए आपको बहुत सारी चीजों के बारे में पता करना होता है और हर मुमकिन कोशिश करनी होती है कि आपके घर में किसी चीज की कमी न हो।
इस दौरान हम अच्छी लोकेशन, बेहतर निर्माण, सुंदर रंग और घर से जुड़ी हर सुविधा पर ध्यान देते हैं।
अगर आप पारंपरिक बिजली के बजाय सौर ऊर्जा (Solar Energy) अपनाने की योजना बना रहे हैं, तो आपके नए घर के निर्माण में कुछ अतिरिक्त तैयारियाँ बेहद ज़रूरी हैं। इससे आप आगे चलकर आसानी से सोलर पैनल इंस्टॉल कर पाएंगे।
सौर ऊर्जा न केवल आपका बिजली बिल कम करती है बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी बड़ा योगदान देती है। पारंपरिक ऊर्जा स्रोत जैसे कोयला, जीवाश्म, पेट्रोल और डीजल आदि से बिजली उत्पन्न करने पर हानिकारक ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन होता है जो मानव जाति एवं अन्य सभी जीव जंतुओं के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव डालती हैं। पर्यावरण संरक्षण एवं बिजली बिल में कटौती के लिए यही सुझाव दिया जाता है कि आपको अपनी विद्युत सम्बंधी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा से उत्पन्न बिजली का इस्तेमाल करना चाहिए।
इस लेख में हम जानेंगे कि नया घर बनाते समय सोलर पैनल के लिए घर को कैसे तैयार किया जाए।
- घर की सौर क्षमता (Solar Potential) की जाँच
सोलर सिस्टम लगाने से पहले यह जानना सबसे ज़रूरी है कि आपकी छत पर पर्याप्त धूप आती है या नहीं।
ध्यान रखें:
- घर की छत दक्षिण दिशा की ओर हो तो बेहतर है।
- रोज़ाना कम से कम 4-6 घंटे सीधी धूप मिलनी चाहिए।
- छत पर पेड़, टॉवर या किसी भी तरह की छाया नहीं होनी चाहिए।
- इंस्टॉलेशन के लिए पर्याप्त खुली जगह होनी चाहिए।
धूप जितनी ज़्यादा, ऊर्जा उत्पादन उतना बेहतर।
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- अपनी आवश्यकता अनुसार सही सोलर पैनल चुनें
आज बाजार में कई तरह के सोलर पैनल उपलब्ध हैं। इनमें से मुख्य हैं:
फोटोवोल्टाइक (PV) पैनल
भारत में सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाला विकल्प क्योंकि यहाँ पूरे साल पर्याप्त मात्रा में सूरज की किरणें मिलती हैं। यह सूर्य की रोशनी को सीधे बिजली में बदलते हैं।
ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम
- बिजली सीधे ग्रिड से जुड़ती है
- नेट मीटरिंग की सुविधा
- जहां पावर कट कम होता है, उन इलाकों के लिए बेहतर
ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम
- बैटरी के साथ आता है
- लंबे समय के लिए पावर कट वाले क्षेत्रों के लिए बेहतर
- ज़रूरत पड़ने पर बैटरी बैकअप उपलब्ध
अपने घर के आकार, बिजली की ज़रूरत, और बजट के अनुसार सही विकल्प चुनना ज़रूरी है।
- अपने घर की बिजली खपत को पहचानें
सोलर सिस्टम लगाने से पहले यह जानना जरूरी है कि आपका घर औसतन कितनी बिजली (यूनिट) खर्च करता है।
- शुरुआत करें पिछले 6-12 महीनों के बिजली बिल देखकर
- प्रमुख उपकरण जैसे AC, फ्रिज, पंखा, गीज़र आदि कितनी बिजली खर्च करते हैं, उसका अंदाज़ा लगाएँ
- कोशिश करें कि घर में एलईडी, एनर्जी सेविंग उपकरण और 5-Star रेटेड डिवाइसेज़ का ही उपयोग करें
जितना सही आप अपनी बिजली की ज़रूरत समझेंगे, उतना बेहतर आप सोलर सिस्टम का सही क्षमता आकार (kW) चुन सकेंगे।
- छत में आवश्यक फिटिंग और संरचना तैयार करें
नया घर बनाते समय:
- छत पर कंक्रीट की मजबूती अच्छी रखें
- वायरिंग और DC/AC केबल के लिए कंडुइट पाइप पहले से डालें
- इन्वर्टर और बैटरी रखने के लिए सुरक्षित जगह तय करें
- जहां संभव हो, earthing और lightning protection भी योजना में जोड़ें
यह सब बाद में खर्च और परेशानी कम करता है।
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- भरोसेमंद कंपनी से इंस्टॉलेशन करवाएँ
सोलर सिस्टम लंबे समय का निवेश है, इसलिए इंस्टॉलेशन हमेशा अनुभवी और प्रमाणित इंस्टॉलर से करवाएँ।
Genus Innovation आपके लिए पूर्ण समाधान उपलब्ध कराता है-
जाँच, पेपरवर्क से लेकर सोलर पैनल के इंस्टॉलेशन तक हमारे विशेषज्ञों की टीम आपको बेहतरीन सुझाव देती है तथा सौर शक्ति के इस सफ़र में आपके साथ रहती है। यही नहीं, हम यह सुनिश्चित करते हैं कि हम आपको सर्वश्रेष्ठ सोलर उत्पाद प्रदान करें।
सोलर इंस्टॉलेशन से जुड़े आम सवाल
- घर में सोलर पैनल लगाने के लिए कितनी धूप आवश्यक है?
कम से कम 4-6 घंटे सीधी धूप आवश्यक है ताकि पैनल अच्छी क्षमता से बिजली बना सके।
- नया घर बनाते समय सोलर सिस्टम के लिए क्या तैयारी करनी चाहिए?
कंडुइट पाइप, इन्वर्टर स्पेस, मजबूत छत और शेड-फ्री एरिया की योजना बनानी चाहिए।
- ऑन-ग्रिड और ऑफ-ग्रिड में क्या फर्क है?
ऑन-ग्रिड सिस्टम में नेट मीटरिंग होती है जबकि ऑफ-ग्रिड सिस्टम बैटरी बैकअप के साथ चलता है।
- क्या छोटे घर में भी सोलर पैनल लग सकते हैं?
हाँ, 1kW से लेकर 10kW तक के सिस्टम घरों के लिए उपलब्ध हैं।
- सोलर पैनल की लाइफ कितनी होती है?
आम तौर पर 25 साल या उससे अधिक।
