क्यों सोलर है जरूरी फिश फार्मिंग बिज़नेस के लिए | मछली पालन के लिए सोलर सिस्टम

क्यों सोलर है जरूरी फिश फार्मिंग बिज़नेस के लिए?

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भारत एक कृषि प्रधान देश है। यहां की 58% के करीब आबादी कृषि पर निर्भर करती है। देश की अधिकतर ज़मीन उपजाऊ है। इसके चलते वहां गेहूं, चावल, गन्ना, कपास और अन्य कई तरह की सब्जियों एवं फसलों इत्यादि की खेती होती है, जबकि जिन क्षेत्रों की ज़मीन कम उपजाऊ है, वहां के लोग बकरी पालन, मुर्गी पालन और मछली पालन जैसे व्यवसाय करते हैं। अन्य किसी व्यवसाय की तुलना में मछली पालन या यूं कहें कि फिश फार्मिंग बिजनेस शुरु करने के लिए लोगों को काफी ज्यादा ज़मीन, पानी और बिजली की आवश्यकता रहती है। लेकिन बहुत से ऐसे ग्रामीण क्षेत्र है, जहां बिजली की काफी कमी देखने को मिलती है। कई बार किसान या तो बिजली के लंबे कट से परेशान रहते हैं या फिर पर्याप्त लोड वाले ट्रांसफरों के अभाव की परेशानी झेलते हैं। 

फिश फार्मिंग बिज़नेस के लिए

ऐसे मछली पालन में सोलर का योगदान बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। आज के समय में सोलर सिस्टम मछली पालन में आने वाली बिजली की समस्या का सबसे सफल हल है। इस बात को ध्यान में रखते हुए देश में फिश फार्मिंग को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने वर्ष 2020 में पी.एम कुसुम योजना के तहत किसानों को सोलर पंप लगवाने पर 70 प्रतिशत तक सबसिडी की घोषणा भी की। इसके अंतर्गत आवेदन करने वाले किसान के फार्म में सोलर वॉटर पम्प लगाया जाता है, जिसके साथ सोलर पैनल-वीएफडी लगे होते हैं। यह सोलर पैनल दिन के समय सूर्य की रोशनी से पंप की मोटर को चलाने के लिए ऊर्जा पैदा करते हैं। इनसे बनने वाली ऊर्जा से आप सुबह से लेकर शाम तक बिना किसी परेशानी के मोटर को चला सकते हैं। यदि आप सोच रहे हैं कि आप सही पंप का चयन कैसे करें तो बेफिक्र रहें, हम आपकी पूरी सहायता करेंगे। 

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पंप लेने से पहले ध्यान रखने योग्य बातें

अपने फिश फार्मिंग सोलर सिस्टम पंप का चयन करने के लिए बेहद जरूरी है कि आपको उसके बारे में उपयुक्त तकनीकी जानकारी हो। आपको बता दें कि सोलर वॉटर में पानी की मोटर दो तरह की रहती हैः सबमर्सिबल और सर्फेस पंप। इनका चयन करने से पहले इनकी रेटिंग के बारे में आपको पता होना आवश्यक है। फिश फार्मिंग के लिए 3HP सोलर पंप बेहतर विकल्प रहता है। आपका सोलर सबमर्सिबल पंप 3 फेस, 380 वॉट, 50 हर्टज़ और 2850 आर.पी.एम होना चाहिए। जबकि सोलर पैनल 375 वॉट * 10 और वी.एफ.डी- 5HP/3 फेस होना चाहिए। इन पंप की सहायता से आपकी बिजली की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी और आप अपने व्यवसाय को सफलतापूर्वक चला सकते हैं। 

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कौन सा सोलर पंप बेहतर एसी या डीसी?

आमतौर पर सोलर पंप दो प्रकार के आते हैं डीसी और एसी। किन्तु अधिकतर लोगों को इस बारे में सही जानकारी नही होती की उनके लिए कौन सा सोलर पंप सही रहेगा। यदि डीसी सोलर पंप की बात करें तो वह एसी पंप से अधिक कुशल होता है क्योंकि यह कम सौर पैनलों के साथ अधिकतम उत्पादन देता है। एसी सोलर पंपों को अधिक सोलर पैनलों की आवश्यकता होती है, क्योंकि बिजली को उपयोग के लिए एसी पंप ऊर्जा को पहले एसी में परिवर्तित करता है। नतीजतन, इस प्रक्रिया में काफी ऊर्जा नष्ट होती है जिससे उत्पादन में कमी आती है। इसके अलावा पुरानी तकनीक पर आधारित एसी पंप डीसी की तुलना में काफी आवाज करता है। 

 

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बहरहाल आशा करते हैं कि इस लेख के माध्यम से आपको यह पता चल गया होगा कि मछली पालन के लिए सोलर सिस्टम कितना लाभकारी है और क्योंकि इसे लगाने में सरकार द्वारा भी उपयुक्त आर्थिक सहायता मिलती है, इसलिए इसका चयन उत्तम विकल्प है।

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