Guide to choosing right power backup solutions this summer

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आज की भागदौड़ वाली जिंदगी में, घर हो या आफिस, बिना पावर इनर्जी के कोई काम हो ही नहीं सकता। रोजमर्रा की जिंदगी मे घरेलू उपयोग के समस्त उपकरण विजली की उपलव्धता के बिना चलाना सम्भव नहीं होता । सुवह उठते ही नाश्ता  बनाना हो या नहाने के लिये पानी गरम करना, बिना विजली के – ना तो मिक्सर चलेगा, ना गीजर, और ना ही पानी की मोटर जिससे ओव्हर हेड टेंक मे पानी भरते हैं । और तो और सुबह – सुबह मोबाइल चार्जिंग जैसी जरूरी व्यवस्था भी गड़बड़ा जाती है । इस भागम भाग मे सभी  का आफिस का रूटीन गड़बड़ होने लगता है, और यहीं से दिनभर का टेंसन शुरू  हो जाता है। उधर बच्चों के कपड़े प्रेस नहीं हो पाने से उनका स्कूल भी गड़बड़ा गया । कुल मिलाकर पति, पत्नी और बच्चे – सब  का पूरा रूटीन बिगड़ गया और अच्छा खासा दिन खराब हो गया ।

देखा आपने, जरा से पावर कट ने कितनी दिक्कत खड़ी कर दी । मतलव यह, कि ऐसी परिस्थिति में यह साफ़ हो गया कि पावर का अल्टरनेटिव इंतेजाम परिवार की पहली जरूरत हो गई।

क्या होगा अल्टरनेटिव? 

ऐसी स्थिति में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अब क्या किया जाये – पावर का वैकल्पिक हल क्या है, और बाजार से कौनसा माडल लेना सही होगा? आइये जानिये इसका जवाव- पुराने समय में ऐसी स्थिति से निबटने के लिये जनरेटर खरीदना होता था, पर आजकल प्रचलित उन्नत टेक्नालाजी में इन्वर्टर ही इसका एकमात्र विकल्प है। यदि हम इस विकल्प को चुन भी लेते हैं तो हमारे सामने दूसरा संकट इस बात का आता है कि बाजार में विभिन्न कंपनियो के इन्वर्टर में से कौन सी कंपनी का इन्वर्टर लेना चाहिये और इसकी क्षमता कितनी होनी चाहिए? इसके लिये हमे जाना पड़ता है किसी टेक्नालाजी एक्सपर्ट के पास, या तुलना करनी होती है बाजार में मिलने वाले विभिन्न उत्पादों की टेक्नालाजी से। फिर तय करना होता है कि कौन सा ब्रांड का इन्वर्टर लिया जाये, और कितनी क्षमता का । यह इस पर निर्भर करता है की हमें कितना पावर, और कितने समय तक एक इन्वर्टर की जरूरत है ।

सबसे पहले हमे देखना होता है कि हमे कितने पावर की जरूरत है । इसके लिये हमे तय करना होता है कि कौन-कौन सी लाइट या उपकरण की आवश्यकता हमे पावर कट के दौरान भी पड़ती है – जैसे किन-किन कमरों मे हमे लाइट की जरूरत होगी । और किन उपकरणों के बिना हमे दिक्क्त आयेगी, जैसे – टी.व्ही., पंखे, कूलर, प्रेस, मोवाइल चार्जर पाइंट, मिक्सर, फ्रिज आदि । इस सब का हिसाव लगाकर हम समझना होता है कि कितने वाट के इन्वर्टर की हम जरूरत होगी । इन्वर्टर की बैटरी की पावर का हिसाब इस पर निर्भर करता है कि पावर कट के दौरान हमे इन्वर्टर कितने समय तक उपयोग करना है । इस तरह हम जान सकेंगे कि कितने वाट का इन्वर्टर ओर कितनी देर  तक का बैटरी बेकअप हमें  चाहिये।

आवश्यकता अनुरूप प्रोडक्ट का चयन

अब हमे जरूरत होगी अपनी आवश्यकता  के अनुरूप प्रोडक्ट चुनने की । इसके लिये हमे मुख्य रूप से इन बातों का ध्यान रखना है – बैटरी और इन्वर्टर की क्वालिटी, टेक्नालाजी और उसकी प्रमाणिकता एवं उसका दाम। यह जानने के लिए आप चाहें तो आनलाइन या आफलाइन खोज सकते हैं, अपने मित्रों और परिचितो से पूछ सकते है, या किसी विषेषज्ञ से सलाह ले सकते हैं।

आइये बात करते हैं जीनस की –

पर हम आपको सलाह देंगे कि आप आधुनिकतम टेकनालाजी वाली जीनस बैटरी और इन्वर्टर को अपनी पहली पसंद बनायें । हमारे पास इसको बेहतरीन सावित करने के लिये तर्क है, जिससे आपको आसानी से समझ आ जायेगा कि आखिर जीनस ही क्यों?

  1. उत्तम क्वालिटी और उचित दाम वाली इस वजनी बैटरी में लेड और ऑक्साइड की मात्रा बराबर बराबर होती है ।
  2. बराबर मेकेनिकल और केमिकल संतुलन के कारण बैटरी हर परिस्थिति में एक सी क्षमता के साथ कार्य करती है।
  3. विशेष क्षमता के लेड और स्पाइन के उपयोग के कारण यह बैटरी विशिष्ट होती है ।
  4. एसिड में आयरन की मात्रा 8 से 10 पीपीएम कम रखी गई है जिसके कारण बैटरी जल्दी डिस्चार्ज नहीं होती और लंबे समय तक काम करती है ।
  5. स्टेप चार्जिंग पद्धति से चार्ज किए जाने के कारण इसकी कार्यक्षमता लंबे समय तक बनी रहती है एवं कुछ ही समय में यह चार्ज की जा सकती है

इसके अलावा इसमे किसी प्रकार का प्रदूषण और उत्सर्जन नहीं होता।

तो  आइये करे  एक बेहतर शुरुआत जीनस के साथ।


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